ज़िन्दगी थम सी गई

ज़िन्दगी थम सी गई
कहना तुम से बहुत कुछ है
पर वह कॉफ़ी रह ही गई

हिचकिचाये थे बहुत हम तुम्हे मिलने से
जब वक़्त ले पाए तो
वक़्त की कमी काम कर गई

ज़िन्दगी थम सी गई
कहना तुम से बहुत कुछ है
पर वह कॉफ़ी रह ही गई

कॉफ़ी के बहाने
तुमसे मिलते ए दोस्त
ज़िन्दगी के कुछ मसले सुलझाते

बात मन की मन ही मै रह गई
कहना तुम से बहुत कुछ है
पर वह कॉफ़ी रह ही गई

मेरी हिचकिचाहट को तेवर ना समझ
लफ्जो की कमी है
वक़्त चाहिए तुमसे

कॉफ़ी के बहाने मिलना है
सब्र से बहुत कुछ कहना है
तेरी मुस्कुराहट में भी उर्जा है

लेकिन गौरंग
बात मन की मन ही मै रह गई
कहना तुम से बहुत कुछ है
पर वह कॉफ़ी रह ही गई

– गौरंग

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